कमजोरी और थकान क्यों होती है?

Man holding his head feeling weak and fatigued

यह चित्र एक पुरुष को सिर पकड़ते हुए दिखाता है, जो कमजोरी और थकान के लक्षण को स्पष्ट करता है।

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में कमजोरी और थकान की समस्या बहुत आम हो गई है। कई लोग बिना ज़्यादा शारीरिक मेहनत किए भी दिनभर थका हुआ महसूस करते हैं। सुबह उठते ही शरीर भारी लगना, काम में मन न लगना और थोड़ी देर में ही थक जाना इस समस्या के संकेत हो सकते हैं। अक्सर लोग इसे सामान्य समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक बनी रहने वाली कमजोरी किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।

कमजोरी और थकान के पीछे जीवनशैली, खानपान, मानसिक तनाव और कुछ बीमारियाँ जिम्मेदार हो सकती हैं। समय रहते इसके कारणों को समझना और सही इलाज करवाना बहुत ज़रूरी है।

कमजोरी और थकान के सामान्य कारण

कमजोरी और थकान होने के पीछे कई शारीरिक और मानसिक कारण हो सकते हैं, जैसे:

  • संतुलित आहार की कमी
  • आयरन, विटामिन B12 या विटामिन D की कमी
  • नींद पूरी न होना
  • लगातार मानसिक तनाव
  • पर्याप्त पानी न पीना
  • ज़्यादा शारीरिक या मानसिक मेहनत
  • थायरॉयड, डायबिटीज या एनीमिया जैसी बीमारियाँ

इन कारणों से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिससे व्यक्ति हमेशा थका हुआ महसूस करता है।

पोषण की कमी से होने वाली कमजोरी

शरीर को सही ढंग से काम करने के लिए पर्याप्त पोषण की ज़रूरत होती है। जब शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते, तो कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है।

पोषण की कमी से जुड़े मुख्य कारण:

  • आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन कम हो जाता है
  • विटामिन B12 की कमी से नसों में कमजोरी
  • विटामिन D की कमी से मांसपेशियों में दर्द
  • प्रोटीन की कमी से शरीर जल्दी थकना

इसलिए रोज़ के आहार में फल, हरी सब्ज़ियाँ, दालें, दूध, दही और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना ज़रूरी है।

नींद की कमी और थकान का संबंध

नींद शरीर को आराम देने और खुद को दोबारा ऊर्जा देने का समय देती है। अगर रोज़ाना 7 से 8 घंटे की नींद नहीं ली जाती, तो शरीर पूरी तरह से रिकवर नहीं हो पाता।

नींद की कमी के कारण:

  • देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल
  • अनियमित सोने-जागने की आदत
  • मानसिक तनाव
  • शिफ्ट में काम करना

नींद पूरी न होने पर दिनभर सुस्ती, चिड़चिड़ापन और कमजोरी बनी रहती है।

मानसिक तनाव और कमजोरी

मानसिक तनाव शरीर की ऊर्जा को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में ऐसे हार्मोन निकलते हैं जो थकान बढ़ाते हैं।

मानसिक तनाव के कारण:

  • काम का दबाव
  • पारिवारिक समस्याएँ
  • चिंता और डर
  • नींद की कमी

इसका असर शारीरिक कमजोरी, सिरदर्द और ध्यान न लगने के रूप में दिखाई देता है।

Man feeling stressed and pressured due to work

यह चित्र एक पुरुष को काम के दबाव और तनाव का अनुभव करते हुए दिखाता है, जो कमजोरी और थकान बढ़ाने वाले मानसिक कारणों को दर्शाता है।

डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी

शरीर में पानी की कमी होने पर ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे थकान और चक्कर आने लगते हैं।

डिहाइड्रेशन के लक्षण:

  • बार-बार थकान महसूस होना
  • सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • मुंह सूखना
  • पेशाब कम आना

दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना कमजोरी से बचने का एक आसान तरीका है।

कमजोरी और थकान के लक्षण

कमजोरी और थकान कई तरह से महसूस हो सकती है, जैसे:

  • बिना वजह थका हुआ लगना
  • सांस फूलना
  • चक्कर आना
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • दिल की धड़कन तेज़ होना
  • काम में मन न लगना

अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

कमजोरी और थकान दूर करने के घरेलू उपाय

कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर कमजोरी और थकान को कम किया जा सकता है:

  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें
  • रोज़ 8–10 गिलास पानी पिएँ
  • 7–8 घंटे की पूरी नींद लें
  • रोज़ हल्का व्यायाम या योग करें
  • तनाव कम करने के लिए ध्यान करें
  • चाय-कॉफी का सेवन सीमित रखें

ये उपाय शरीर की ऊर्जा को धीरे-धीरे बढ़ाने में मदद करते हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना ज़रूरी है

अगर कमजोरी और थकान:

  • 2–3 हफ्तों से ज़्यादा बनी रहे
  • आराम करने के बाद भी ठीक न हो
  • अचानक वजन कम हो
  • बार-बार चक्कर आए
  • सांस लेने में परेशानी हो

तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर जाँच से गंभीर बीमारियों का पता लगाया जा सकता है।

नियमित जांच का महत्व

कमजोरी के सही कारण जानने के लिए डॉक्टर कुछ जांच कराने की सलाह दे सकते हैं, जैसे:

  • ब्लड टेस्ट
  • हीमोग्लोबिन लेवल
  • शुगर टेस्ट
  • थायरॉयड टेस्ट
  • विटामिन की जांच

नियमित हेल्थ चेक-अप से शरीर की स्थिति को समझना आसान हो जाता है।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ

स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन के लिए:

  • सही खानपान अपनाएँ
  • पर्याप्त नींद लें
  • नियमित व्यायाम करें
  • तनाव से दूर रहें

छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके कमजोरी और थकान से काफी हद तक बचा जा सकता है।

अगर आप लंबे समय से कमजोरी और थकान से परेशान हैं, तो Prakash Hospital में अनुभवी डॉक्टरों से सही जाँच और इलाज कराएँ और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएँ।

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