
एक पति-पत्नी उदास बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं, जो बार-बार मिसकैरेज की भावनात्मक परेशानी को दर्शाता है।
गर्भावस्था हर महिला के जीवन का एक भावनात्मक और महत्वपूर्ण चरण होता है। लेकिन जब बार-बार गर्भपात (miscarriage) होता है, तो यह शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी बहुत कठिन अनुभव होता है।
यदि लगातार दो या तीन बार गर्भपात हो जाए, तो इसे recurrent miscarriage कहा जाता है। ऐसे मामलों में कारण की जांच कराना बेहद जरूरी हो जाता है।
अच्छी बात यह है कि अधिकतर मामलों में सही जांच और उपचार से सफल गर्भावस्था संभव है।
गर्भावस्था के 20 सप्ताह से पहले गर्भ का स्वतः समाप्त हो जाना मिसकैरेज कहलाता है। अधिकांश गर्भपात पहले तीन महीनों (पहली तिमाही) में होते हैं।
यह सबसे सामान्य कारण है। भ्रूण के विकास में जीन संबंधी गड़बड़ी होने पर शरीर स्वतः गर्भ को अस्वीकार कर देता है।
हार्मोनल असंतुलन गर्भ को टिकने में बाधा डाल सकता है।
ये समस्याएं भ्रूण के सही विकास में बाधा डाल सकती हैं।
अनियंत्रित थायरॉइड या शुगर लेवल गर्भावस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
कुछ मामलों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली भ्रूण को बाहरी तत्व समझकर प्रतिक्रिया देती है।
खून के थक्के बनने की समस्या (जैसे एंटीफॉस्फोलिपिड सिंड्रोम) प्लेसेंटा में रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकती है।
कुछ बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण भी बार-बार गर्भपात का कारण बन सकते हैं।
35 वर्ष के बाद क्रोमोसोमल असामान्यताओं का खतरा बढ़ जाता है।
ये सभी गर्भावस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

एक महिला का ब्लड सैंपल लिया जा रहा है, जो स्वास्थ्य जांच या किसी मेडिकल टेस्ट की प्रक्रिया को दर्शाता है।
पति-पत्नी दोनों की क्रोमोसोम जांच की जा सकती है।
गर्भाशय की संरचना की जांच के लिए।
गर्भाशय के अंदर की स्थिति देखने के लिए।
खून के थक्के बनने की प्रवृत्ति की जांच के लिए।
हाँ। सही कारण की पहचान और उचित उपचार से अधिकांश महिलाएं सफल गर्भावस्था प्राप्त कर सकती हैं।
इलाज कारण पर निर्भर करता है।
प्रोजेस्टेरोन सप्लीमेंट दिए जा सकते हैं।
दवाओं और डाइट से नियंत्रण जरूरी है।
यदि क्लॉटिंग की समस्या हो।
यदि गर्भाशय की संरचनात्मक समस्या हो।
बार-बार गर्भपात भावनात्मक रूप से बहुत कठिन हो सकता है। ऐसे में काउंसलिंग और परिवार का सहयोग बेहद जरूरी है।
प्रश्न 1: क्या बार-बार मिसकैरेज में महिला की ही गलती होती है?
नहीं। कई बार कारण पुरुष पक्ष या क्रोमोसोमल असामान्यता से भी जुड़े होते हैं।
प्रश्न 2: क्या तनाव से मिसकैरेज हो सकता है?
अत्यधिक तनाव जोखिम बढ़ा सकता है, लेकिन अकेला कारण नहीं होता।
प्रश्न 3: कितने मिसकैरेज के बाद जांच जरूरी है?
लगातार दो या तीन के बाद विस्तृत जांच करानी चाहिए।
प्रश्न 4: क्या भविष्य में स्वस्थ बच्चा हो सकता है?
हाँ, उचित उपचार से संभावना अच्छी रहती है।
प्रश्न 5: क्या बेड रेस्ट जरूरी होता है?
हर केस में नहीं। डॉक्टर की सलाह अनुसार निर्णय लिया जाता है।
बार-बार मिसकैरेज एक संवेदनशील लेकिन उपचार योग्य समस्या है। सही समय पर जांच और विशेषज्ञ देखभाल से स्वस्थ गर्भावस्था संभव है। लक्षणों को नजरअंदाज न करें और बिना देरी परामर्श लें।
यदि आपको recurrent miscarriage की समस्या है, तो विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहद जरूरी है।
Prakash Hospital में अनुभवी गायनेकोलॉजिस्ट, आधुनिक जांच सुविधाएं और समर्पित मातृत्व देखभाल उपलब्ध है। सुरक्षित और स्वस्थ मातृत्व की दिशा में पहला कदम आज ही उठाएं।
We offer expert care across key specialties, including Medicine, Cardiology, Orthopaedics, ENT, Gynaecology, and more—delivering trusted treatment under one roof.
Prakash Hospital Pvt. Ltd. is a 100 bedded NABH NABL accredited multispecialty hospital along with a center of trauma and orthopedics. We are in the service of society since 2001.
OUR SPECIALITIES
Contact Us
D – 12A, 12B, Sector-33, G. B. Nagar, Noida, Uttar Pradesh 201301
+91-8826000033

© 2026 All rights reserved.
Designed and Developed by Zarle Infotech